जैविक खेती ने खोली व्यापार की राहें
द्वारा, दिनांक 09-02-2022 05:08 PM को

श्री राधेश्याम धनगर ग्राम कनावटी, विकासखंड नीमच, जिला - नीमच के किसान है। 4-5 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था के प्रबंध संचालक श्री चर्मकार साहब द्वारा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जैविक खेती के महत्त्व को समझकर श्री राधेश्याम जी धनगर ने अपनी
1.47 हेक्टेयर भूमि में जैविक खेती करने का निर्णय लिया और अपना पंजीयन संस्था में करवाकर जैविक खेती करना आरम्भ किया। शुरू के 2 वर्षो तक फसल चयन और मूल्य को लेकर असमंजस की स्थिति रही। बाजार ढूंढने की भी समस्या रही। ऐसे में बाजार ढूंढने का बीड़ा उठाया उनके पुत्र प्रभु लाल धनगर ने। उन्होंने सुचना प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया के माध्यम से जैविक उत्पादों का प्रचार किया और उन्हें जैविक हल्दी के लिए स्थानीय आर्डर मिले यह उनकी पहली सफलता थी। धीरे-धीरे बाजार में जैविक कृषक के रूप में स्थान बनने लगा और उनके उत्पादों की ख्याति राज्य से बाहर पहुंची। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा उनसे अलग अलग फसलों की मांग की गयी उसी के अनुरूप श्री धनगर ने अपनी फसल प्रणाली में बदलाव किया और मांग के अनुसार फसलों का चयन कर उत्पादन करने लगे। आज वे खरीफ में पारम्परिक फसल सोयाबीन के स्थान पर चिया, अश्वगंधा, हल्दी जैसी फसल लगा रहे है वहीँ रबी में सामान्य गेहूं के स्थान पर खपली गेहूं, मेथी, जीरा, धनियां, अजवाइन जैसी मसाला फसलों का उत्पादन ले रहे है। उनके द्वारा उत्पादित फसलों को साफ़ कर ग्रेडिंग कर स्वयं उपभोक्ताओं तक पहुंचाते है जिससे उन्हें अपने उत्पाद की अच्छी कीमत मिल जाती है। गत वर्ष उन्होंने अपना जैविक 8 क्विंटल खपली गेहूं 40
रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा था जो सामान्य गेहूं की अपेक्षा लगभग दो गुना रहा। इसी प्रकार से उन्हें अपने मसाले आदि की भी अच्छी कीमत मिल जाती है। हल्दी की मांग को देखते हुए उन्होंने अपना रकबा बढ़ाने के साथ उसे पीसने का कार्य भी स्वयं चालू कर दिया है। उपभोक्ताओं की तेल की मांग पूरा करने के लिए उनके द्वारा कोल्ड प्रेस मशीन भी लगायी जा रही है जो मार्च माह में स्थापित हो जायेगी। इस प्रकार जैविक खेती से शुरुआत करके आज किसान व्यापर भी आरम्भ कर चूका है। सफलता से आशान्वित होकर कृषक ने अपनी जैविक खेती का रकबा बढाकर
3.5 हेक्टेयर करने का निर्णय लिया है उनके व्यापर को और बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

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